
न्यूज़ वॉइस ऑफ इंडिया कटनी/
कटनी। विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कुटेश्वर पुल के सुधार कार्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विधायक पाठक ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि बरही–मैहर मार्ग पर बाणसागर के बैक वॉटर पर बने इस क्षतिग्रस्त पुल के 26 करोड़ के सुधार कार्य को अब सेतु निर्माण निगम से हटाकर बाणसागर परियोजना के माध्यम से कराया जाए, ताकि काम जल्द शुरू हो सके।
विधायक संजय पाठक ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मुख्य समस्याओं पर ध्यान आकर्षण कराया गया।
मुख्य कार्य…….
26 करोड़ की लागत से होना है कुटेश्वर पुल का सुधार कार्य।
सेतु निर्माण निगम के ठेकेदार तीन बार टेंडर छोड़ चुके हैं।
पुल की जटिल संरचना के कारण अनुभवहीन ठेकेदार नहीं ले पा रहे जिम्मेदारी।
बाणसागर परियोजना से ही करवाने की रखी गई मांग।
महानदी के पुल का क्यों रुका है काम?
कुटेश्वर एरिया की महानदी पर बने पुल के पियर क्रमांक 10 में डेक स्लैब के केंटिलीवर हिस्से में डिफ्लेक्शन आने के बाद पुल को तीन वर्ष पूर्व भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए केवल छोटे वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी।
इस वजह से क्षेत्र की जनता, किसान, और व्यापारी वर्ग को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़े वाहन—जैसे बस, ट्रक, और हार्वेस्टर—नहीं निकल पाने से कृषि कार्य और व्यापार दोनों प्रभावित हैं।
टेंडर प्रक्रिया में अड़चनें:
पिछले दो वर्षों में शासन स्तर पर तीन बार टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन पुल की तकनीकी जटिलता के कारण ठेकेदारों ने काम छोड़ दिया। सेतु निर्माण निगम के अधीन आने वाले ठेकेदारों के पास इस तरह के संरचनात्मक मरम्मत कार्य का अनुभव नहीं है।
गौरतलब है कि इस पुल का मूल निर्माण बाणसागर परियोजना के इंजीनियरों द्वारा किया गया था, जिसे बाद में लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित कर दिया गया।
विधायक की पहल:
विधायक संजय पाठक ने जनता की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री से पुल के सुधार कार्य की जिम्मेदारी दोबारा बाणसागर परियोजना को सौंपने का अनुरोध किया है, ताकि तकनीकी रूप से सक्षम इंजीनियरिंग टीम इस काम को जल्द पूरा कर सके और बरही–मैहर मार्ग पर यातायात पुनः सामान्य हो सके।
संभावित असर:
अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो तीन वर्षों से बंद कुटेश्वर पुल पर मरम्मत कार्य तेजी से शुरू हो सकेगा, जिससे हजारों लोगों की आवागमन और आर्थिक परेशानी खत्म होगी।






