
कटनी की धरती से जल्द ही सोना निकलने वाला है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सिंगरौली के चकरिया गोल्ड माइनिंग ब्लॉक का एग्रीमेंट हो चुका है और अब कटनी के इमलिया गोल्ड ब्लॉक का अनुबंध अगले महीने होने जा रहा है। कंपनियां एक साल के भीतर मशीनरी इंस्टॉल कर सोने का निष्कर्षण शुरू कर देंगी।
चकरिया गोल्ड ब्लॉक (सिंगरौली) – 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र, अनुमानित 1,76,600 ग्राम सोना।
इमलिया गोल्ड ब्लॉक (कटनी) – 6.51 हेक्टेयर क्षेत्र, अनुमानित 25,000 ग्राम सोना।
सभी आवश्यक अनुमति पूरी, कंपनियां मशीनरी लगाने को तैयार।
स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनेंगे।
प्रदेश में गोल्ड माइनिंग की तस्वीर
प्रदेश में कुल पांच गोल्ड ब्लॉक चिन्हित, चार सिंगरौली में और एक कटनी में। गुरहर पहाड़ ब्लॉक सघन वन क्षेत्र में होने से अनुमतियां जारी, जबकि सोनकुरवा और अम्लीयवाह ब्लॉक में ड्रिलिंग और जांच जारी।
ई-नीलामी से खुला रास्ता
चकरिया गोल्ड ब्लॉक ई-नीलामी के बाद गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्रा. लि. को मिला। खनिज विभाग के उपसंचालक रत्नेश दीक्षित के अनुसार इमलिया गोल्ड ब्लॉक का माइनिंग एग्रीमेंट भी एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।
सीएम का विज़न – “मिनरल प्रदेश”
हाल ही में कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था – मध्यप्रदेश खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है और “मिनरल प्रदेश” बनने की दिशा में अग्रसर है।
भविष्य की संभावनाएं
जबलपुर और कटनी जिले की सिहोरा तहसील के महगवां–केवलारी क्षेत्र में लौह और मैंगनीज अयस्क के साथ सोने के कण मिले हैं। यहां भी एक्सप्लोरेशन जारी है।
अधिकारियों का कहना
“इमलिया गोल्ड खदान के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। एमडीपीए (मिनरल प्रोडक्शन एग्रीमेंट) की कार्यवाही अंतिम चरण में है। मुंबई की प्रीमियम रिसोर्स कंपनी जल्द कार्य शुरू करेगी।”
— रत्नेश दीक्षित, उपसंचालक खनिज, कटनी







