
कटनी। नवरात्रि पर्व के समापन पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और चल समारोह को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर के 11 निर्धारित विसर्जन स्थलों पर 175 अधिकारी-कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। निगमायुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर मंगलवार सुबह 7 बजे से ही कर्मचारी घाटों पर पहुंचकर व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं।
गाटर घाट पर विशेष व्यवस्था
नगर निगम ने गाटर घाट पर नदी के दोनों ओर दो कृत्रिम विसर्जन कुंडों की व्यवस्था की है। इसके अलावा मोहन घाट, मसुरहा घाट, माई नदी घाट, बाबा घाट, छपरवाह घाट, बिलगवां घाट, सिमरार नदी रपटा, पीर बाबा निवार, बजरंग कॉलोनी और ट्रांसपोर्ट नगर तालाब सहित कुल 11 निर्धारित स्थलों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक स्थल पर प्रभारी अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
तीन पालियों में संभालेंगे जिम्मेदारी
विसर्जन स्थलों पर कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में निर्धारित की गई है। पहली पाली सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक और तीसरी पाली रात 9 बजे से विसर्जन कार्य समाप्त होने तक रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और विसर्जन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।
कटाएघाट और अमीरगंज तालाब में विसर्जन पर प्रतिबंध
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कटाएघाट और अमीरगंज तालाब में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इन स्थानों पर भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराया जा सके और श्रद्धालुओं को निर्धारित विसर्जन स्थलों की जानकारी मिल सके।
नगर निगम की श्रद्धालुओं से अपील
नगर निगम प्रशासन ने दुर्गा समितियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम कुंडों में ही करें। पूजा सामग्री को नदी और अन्य जलस्रोतों में प्रवाहित न करें तथा घाटों एवं चल समारोह मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।








