“सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग तेज, प्रदर्शनकारियों ने फूंके जनप्रतिनिधियों के पुतले, उद्योगपति प्रेम बत्रा ने 20 एकड़ जमीन सरकारी मेडिकल कॉलेज को देने की बात”प्रदर्शन कारियो पर वाटर कैनन का इस्तेमाल

कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन अब तेज होता नजर आ रहा है। पिछले 14 दिनों से कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठे एक्शन कमेटी, विपक्षी दलों के नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों का धैर्य जवाब देता दिखाई दिया। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों के पुतले जलाकर विरोध जताया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और हाथों में जलते हुए पुतले लेकर कलेक्टर कार्यालय परिसर के सामने पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करने लगे।

आखिर कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग पर 14 दिनों तक चले धरने के बाद प्रदर्शन उग्र क्यों हुआ क्या सरकार कटनी को सरकारी मेडिकल कॉलेज का दर्जा देगी? 

बहरहाल एक्शन कमेटी के तत्वावधान में विपक्षी दलों के नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, छात्रों और समाजसेवियों द्वारा पिछले 14 दिनों से कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया जा रहा था।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इतने दिनों तक धरना देने के बावजूद उनकी मांग पर किसी जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार अधिकारी द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। इसी के विरोध में शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जनप्रतिनिधियों के पुतले दहन किए और सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में जलते हुए पुतले लेकर कलेक्टर कार्यालय परिसर के सामने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ट्रिपल पी मॉडल नहीं, कटनी को चाहिए सरकारी मेडिकल कॉलेज!

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि कटनी जिले को ट्रिपल पी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के बजाय पूर्ण रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की सौगात दी जाए। आंदोलनकारियों का तर्क है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज से जिले के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, आम जनता को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता एवं उद्योगपति प्रेम बतरा ने जनहित के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वह अपने समाज और जनता के हित में 20 एकड़ भूमि तक देने के लिए तैयार हैं, लेकिन कटनी जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जनता पर अर्धशासकीय मेडिकल कॉलेज नहीं थोपा जाना चाहिए। सरकार द्वारा ट्रिपल पी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज दिए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे जिले की जनता के साथ अन्याय बताया।

दूसरे जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज, फिर कटनी के साथ भेदभाव क्यों?

आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में ट्रिपल पी मॉडल के मेडिकल कॉलेज के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की गई है, तो फिर कटनी को सरकारी मेडिकल कॉलेज का दर्जा देने में क्या परेशानी है? प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कटनी जिले के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिले की जरूरतों और जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए यहां पूर्ण रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जानी चाहिए।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल मेडिकल कॉलेज खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे सरकारी स्वरूप देने की है, ताकि आम जनता और विद्यार्थियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
फिलहाल, कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 14 दिनों के धरने के बाद पुतला दहन, नारेबाजी और वाटर कैनन के इस्तेमाल ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस विरोध प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश सरकार कटनी की जनता की मांग पर गंभीरता से विचार करेगी? क्या जिले को ट्रिपल पी मॉडल के बजाय पूर्ण रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलेगा?या फिर सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर कटनी में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?

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