“किशोर संस्कार शिविर का समापन, पूर्व राज्यमंत्री भगत जालम सिंह पटेल ने वितरित किए प्रमाण पत्र एवं उपहार,तीन दिवसीय आवासीय शिविर में बच्चों को दिए गए संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के संदेश” 

नरसिंहपुर।गोटेगांव नगर के समीपवर्ती ग्राम बगासपुर स्थित श्री सत्यसरोवर आसन में आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आवासीय किशोर संस्कार शिविर का रविवार को समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री भगत जालम सिंह पटेल ने विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में बच्चों और अभिभावकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।संस्कारों की इस पावन यात्रा के अंतर्गत 12, 13 एवं 14 जून को आयोजित शिविर में किशोर एवं किशोरियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, योग, अनुशासन एवं व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया गया। शिविर के दौरान प्रतिदिन योगाभ्यास, प्रार्थना, संस्कार शिक्षा, प्रेरक प्रसंग, समूह चर्चा एवं दैनिक जीवन में अनुशासन के महत्व पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

समापन अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री भगत जालम सिंह पटेल ने कहा कि बच्चों में संस्कार, चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों का विकास समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर बच्चों को सही दिशा प्रदान करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने बच्चों से अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति सम्मान का भाव रखने तथा नियमित दिनचर्या अपनाने का आह्वान किया शिविर में शामिल बच्चों को अध्ययन सामग्री, संस्कार साहित्य एवं आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। तीन दिनों तक चले विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और भारतीय संस्कृति से जुड़े अनेक विषयों की जानकारी प्राप्त की इस समारोह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर हाकम सिंह चढ़ार, थम्मन सिंह शर्मा, प्रदीप पटेल, जितेंद्र पाराशर,रम्मू पटेल,निलेश भगत,गित्तू विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे संस्कारमूलक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। तीन दिवसीय शिविर का समापन भक्ति, संस्कृति और प्रेरणा से ओतप्रोत वातावरण में सम्पन्न हुआ।

 

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