
कटनी जिले में रेत के नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। दो दिन पहले बड़वारा क्षेत्र में पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने महानदी के पांच घाटों पर अवैध रेत परिवहन के रास्तों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कराया। वहीं अब बड़वारा पुलिस ने ग्राम कांटी-मुहास के बीच रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन अब अवैध रेत के रास्तों और परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई कर सकता है, तो टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ऐसी सख्ती क्यों नजर नहीं आई? क्या प्रशासन को पहले से चल रहे अवैध कारोबार और नदी घाटों तक बनाए गए रास्तों की जानकारी नहीं थी? या.. 
दरअसल, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में दो दिन पूर्व बड़वारा पुलिस, खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने महानदी के पांच घाटों पर कार्रवाई की थी।
इस दौरान ग्राम गुड़ाकलाँ, विलायतखुर्द, देवरी, भदौरी नंबर-01 और बसाड़ी स्थित घाटों पर जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल होने वाले रास्तों पर गड्ढे खुदवाकर उन्हें बंद कराया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य नदी घाटों से अवैध रेत निकासी और परिवहन पर रोक लगाना था।इसके बाद 3 नवंबर को थाना बड़वारा पुलिस ने ग्राम कांटी-मुहास के बीच कार्रवाई करते हुए रेत से भरी एक लाल रंग की महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। पुलिस के अनुसार, वाहन को देखकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के विरुद्ध धारा 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराया है
सवाल जो जवाब मांगते हैं:— लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बीच सवाल यह भी है कि क्या महानदी के घाटों पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की गतिविधियां पहले से संचालित नहीं हो रही थीं? यदि रास्तों की जानकारी प्रशासन को थी, तो उन्हें पहले बंद क्यों नहीं कराया गया? क्या अब नए टेंडर के बाद ही अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की जरूरत महसूस हुई? पहले इस तरह की कार्रवाई होती तो क्या यह रास्ते बनाए जाते ?
लगातार पूरी कार्रवाई में शामिल अधिकारी:—
संयुक्त कार्रवाई में तहसीलदार बड़वारा ऋषि गौतम, खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा और थाना प्रभारी सुयश पाण्डेय की प्रमुख भूमिका रही। वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्ती की कार्रवाई में उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक रामनाथ साकेत, आरक्षक रवि कुमार कोरी और आरक्षक आकाश रावत शामिल रहे।
फिलहाल बड़वारा क्षेत्र में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध रेत कारोबार पर शिकंजा कसने का संदेश जरूर गया है, लेकिन असली चुनौती इस कार्रवाई को लगातार जारी रखने की है। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह सख्ती कितने दिनों तक कायम रहती है और महानदी के घाटों से अवैध रेत उत्खनन पर वास्तव में कितना अंकुश लग पाता है।






