
न्यूज़ वॉइस ऑफ इंडिया
कटनी।। विश्व एंटीबायोटिक जागरूकता सप्ताह के तहत मंगलवार 25 नवंबर को मुख्य जिला चिकित्सालय, कटनी की न्यू MCH बिल्डिंग के तृतीय तल पर मीडिया प्रतिनिधियों के लिए महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश एवं जिला चिकित्सालय प्रशासन द्वारा किया गया। अध्यक्षता सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. यशवंत वर्मा ने की।
HAI और AMR: अस्पतालों के लिए बढ़ती चुनौती
जारी जानकारी के अनुसार Hospital Acquired Infection (HAI) अभी भी चिकित्सा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। देश के 7–18% मरीज, जो ऑपरेशन या उपचार के दौरान अस्पताल में रहते हैं, अनजाने में संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इससे— बीमारी का समय बढ़ता है प्रतिरोधक क्षमता कम होती है मरीज और परिवार पर आर्थिक–मानसिक बोझ बढ़ता है अस्पताल की प्रतिष्ठा एवं उत्पादकता पर असर पड़ता है
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस: 15% मामलों में दवाएं असरहीन
स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार AMR तेजी से गंभीर रूप ले रहा है। लगभग 15% मामलों में एंटीबायोटिक का असर खत्म हो रहा है वर्ष 2000 के बाद केवल 1–2 नई एंटीबायोटिक ही विकसित हो पाई कोविड-19 के बाद संक्रमणों में तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई अस्पतालों में प्रमुख संक्रमण: ऑपरेशन के बाद संक्रमण यूरिनरी कैथेटर से जुड़े संक्रमण वेंटिलेटर से जुड़े संक्रमण
समाधान: जागरूकता, स्वच्छता और संयमित दवा उपयोग
विशेषज्ञों ने AMR रोकने के लिए सुझाव दिए—बिना डॉक्टर सलाह एंटीबायोटिक न लें हाथ धोने के वैज्ञानिक तरीके अपनाएं संक्रमण नियंत्रण के नियमों का पालन जैविक कचरे का सुरक्षित निष्पादन
सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा का संदेश
उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की गंभीरता को समाज तक पहुँचाने में मीडिया की बड़ी भूमिका है।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कटनी में बढ़ते एंटीबायोटिक दुरुपयोग और अस्पताल संक्रमण की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।








