
कटनी। दीपावली के पावन पर्व पर पारंपरिक मिट्टी के दीये बनाकर बेचने वाले कुम्हारों और ग्रामीण कारीगरों के लिए राहत भरी खबर है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्थानीय निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाजारों में मिट्टी के दीये बेचने आने वाले कारीगरों से किसी भी प्रकार की कर वसूली नहीं की जाए।
कलेक्टर ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत क्षेत्रों में दीये बेचने वाले ग्रामीण कारीगरों को हर संभव राहत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि उन्हें बाजारों में दीये बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी या बाधा का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने आमजन से भी पारंपरिक मिट्टी के दीयों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है, ताकि वोकल फॉर लोकल की भावना को बढ़ावा मिले और स्थानीय कारीगरों की आजीविका को मजबूती मिल सके।उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक लोककला के प्रतीक हैं। इनके निर्माण और बिक्री से हजारों ग्रामीण परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त, सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के सीईओ तथा बरही, विजयराघवगढ़ और कैमोर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।






