
जबलपुर/रीवा। मध्यप्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की उपस्थिति में सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट नए रेलखंडों का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर देवेंद्रनगर-चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस नई रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड के कई क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। खासतौर पर सीधी जिले के नागरिकों को रेल संपर्क का लाभ मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है।
रेल कनेक्टिविटी से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास की नई जीवनरेखा बनेगी। इससे लोगों को शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। रेल मंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में नई यात्री रेल सेवाएं शुरू करने के अवसर बढ़ेंगे। आने वाले वर्षों में 100 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें और 50 से 60 मेमू एवं इंटरसिटी जैसी छोटी दूरी की रेल सेवाएं शुरू करने की संभावनाएं बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया क्षेत्र के लिए नई शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अब तक रेल संपर्क की कमी थी, वहां तक रेल सेवाएं पहुंचने से विकास के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया।उन्होंने कहा कि लगभग 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क को मजबूत करेगी। इससे ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली सहित कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बेहतर रेल संपर्क से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन में सुविधा मिलने, युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। खनिज संपदा से समृद्ध बुंदेलखंड क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी इससे प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
रीवा-चुरहट रेल लाइन से सीधी जिले को बड़ी राहत
रीवा से चुरहट तक लगभग 65 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण करीब 1,070 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस रेलखंड में रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना को पूर्णता मिली है।चुरहट तक रेल संपर्क स्थापित होने से सीधी जिले के लोगों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अब विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को आवागमन के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।इस रेलखंड से क्षेत्र में उपलब्ध चूना पत्थर एवं अन्य खनिज संसाधनों के परिवहन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे सीमेंट उद्योग और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
सतना-देवेंद्रनगर रेल लाइन से उद्योगों और किसानों को लाभ
सतना से देवेंद्रनगर तक लगभग 53 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण करीब 873 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम आठ किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ इस परियोजना को पूर्णता मिली है।सतना क्षेत्र में सीमेंट, चूना पत्थर और खनिज आधारित उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई रेल लाइन से सीमेंट, क्लिंकर और अन्य माल के परिवहन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। इससे उद्योगों की परिवहन व्यवस्था बेहतर होने और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा देवेंद्रनगर, नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीण व्यापारियों को कृषि उपज और स्थानीय उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने के बेहतर विकल्प मिल सकते हैं। परिवहन, भंडारण, व्यापार और अन्य सहायक गतिविधियों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की भी उम्मीद है।
नई यात्री ट्रेन से दैनिक यात्रियों को सुविधा
देवेंद्रनगर-चुरहट-देवेंद्रनगर नई यात्री रेल सेवा शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के यात्रियों को सतना और रीवा के माध्यम से बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है। इस सेवा से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। स्थानीय कृषि उपज, पत्थर शिल्प, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के अवसर भी बढ़ सकते हैं। रेल संपर्क बेहतर होने से छोटे व्यापारियों, स्थानीय परिवहन सेवाओं और अन्य व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पन्ना, खजुराहो, रीवा और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।क्षेत्र के प्रमुख आकर्षणों में मुकुंदपुर की सफेद बाघ सफारी, चचाई और बहुती जलप्रपात, रीवा का किला तथा गोविंदगढ़ जैसे स्थल शामिल हैं। रेल संपर्क बेहतर होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिसका लाभ होटल, स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारियों को मिल सकता है।
रेलवे स्टेशनों का भी हो रहा पुनर्विकास
रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें खजुराहो, अशोकनगर, बालाघाट, व्यौहारी, नैनपुर, नर्मदापुरम, छतरपुर, ओरछा, शिवपुरी, हरपालपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी सहित कई स्टेशन शामिल हैं। राज्य के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किए जाने का उल्लेख भी किया गया। रेल परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए रेल मंत्री ने पौधरोपण की निगरानी करने और लगाए गए पौधों के जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





