
कटनी के रंगनाथ थाना क्षेत्र में जर्जर भवन का बारजा गिरने से एक वृद्ध की मौत का मामला सामने आया है। हादसा बजाज एजेंसी के सामने स्थित एक जर्जर बिल्डिंग के पीछे हुआ, जहां बारजा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में आने से वृद्ध प्रेमलाल गाडरी की जान चली गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं, शहर में मौजूद जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला कटनी के रंगनाथ थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक बजाज एजेंसी के सामने स्थित जर्जर बिल्डिंग के पीछे यह हादसा हुआ। मृतक प्रेमलाल गाडरी के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वह कुसुम लाइन ट्रेडर्स में करीब 10 वर्षों से काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि प्रेमलाल निस्तार के लिए गए थे, तभी अचानक जर्जर भवन का बारजा उनके ऊपर आ गिरा। बारजा गिरने से वृद्ध मलबे में दब गए।
हादसे के वक्त तत्काल किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। बाद में जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर वृद्ध को बाहर निकलवाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद शहर में मौजूद जर्जर भवनों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश के मौसम में पहले से कमजोर और जर्जर भवनों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद ऐसे भवनों को लेकर कार्रवाई कितनी प्रभावी है, यह हादसा उस पर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम द्वारा कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।
अब सवाल यह है कि इस हादसे के बाद नगर निगम शहर के जर्जर भवनों को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है? क्या ऐसे भवनों का दोबारा सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित कराया जाएगा, या फिर किसी और हादसे का इंतजार किया जाएगा?








