
कटनी। मध्यप्रदेश की एएनएम महिला कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रही हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, सर्वेक्षण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित अनेक स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी एएनएम के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके बावजूद एएनएम कर्मचारियों की विभिन्न जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हीं मांगों को लेकर संयुक्त एएनएम एसोसिएशन एवं संविदा-नियमित कर्मचारी संघ ने शासन से शीघ्र निराकरण की मांग की है।
संघ की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन कार्यों का पूरा इंसेंटिव एएनएम को दिए जाने की मांग शामिल है। संघ का आरोप है कि एएनएम द्वारा किए जाने वाले कई ऑनलाइन कार्यों का प्रोत्साहन वर्तमान में सीएचओ को दिया जा रहा है। इनमें एमआर फर्स्ट का ₹1000, यूबिन का ₹500, एनसीडी का ₹1000 और निश्चय का ₹3000 प्रतिमाह इंसेंटिव शामिल बताया गया है।
संघ का कहना है कि ऑनलाइन कार्यों के अतिरिक्त रात्रिकालीन समय में भी काम करना पड़ता है, इसलिए संबंधित प्रोत्साहन राशि एएनएम कर्मचारियों को ही दी जानी चाहिए। इसके साथ ही कई जिलों में एएनएम को आवास भत्ता नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया है। संघ ने शासन की गाइडलाइन के अनुसार अन्य कर्मचारियों की तरह एएनएम को भी आवास भत्ता देने की मांग की है। दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में काम करने वाली एएनएम कर्मचारियों के लिए जोखिम भत्ता अथवा आदिवासी क्षेत्र भत्ता देने की मांग भी की गई है। संघ के अनुसार कई महिला कर्मचारी पैदल चलकर, पहाड़ी एवं दुर्गम इलाकों से गुजरकर और नदी-नालों को पार कर ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाती हैं। ऐसे में उन्हें वेतन का 15 प्रतिशत जोखिम अथवा आदिवासी क्षेत्र भत्ता दिया जाना चाहिए। इसके अलावा आईएफएमआईएस पोर्टल पर प्रथम नियुक्ति दिनांक एवं जन्मतिथि में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग भी रखी गई है।
संयुक्त एएनएम एसोसिएशन एवं संविदा-नियमित कर्मचारी संघ ने शासन से सभी मांगों का शीघ्र निराकरण करने का अनुरोध किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो 25 अगस्त 2026 से ऑनलाइन कार्य बंद कर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अब देखना होगा कि शासन एएनएम कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और प्रस्तावित आंदोलन को रोकने के लिए समय रहते क्या कदम उठाए जाते हैं।








