“फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र पर गिरी गाज! CM राइज स्कूल की शिक्षिका बर्खास्त”  “श्रवण बाधित बताकर हासिल की थी नौकरी, जांच में खुली पोल; लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने जारी किया बर्खास्तगी आदेश” 

कटनी जिले के शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब सीएम राइज स्कूल करेला में पदस्थ एक शिक्षिका को फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में बर्खास्त कर दिया गया। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, सांदीपनि अर्थात सीएम राइज स्कूल करेला में इतिहास विषय की शिक्षिका ज्योति गर्ग के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई। जिला शिक्षा अधिकारी कटनी के प्रतिवेदन और जिला मेडिकल बोर्ड की जांच के आधार पर यह पाया गया कि शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत श्रवण बाधित दिव्यांगता प्रमाण-पत्र सत्यापन में सही नहीं पाया गया।

जांच के दौरान मेडिकल बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ज्योति गर्ग श्रवण बाधित नहीं हैं और उन्हें सुनने में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। मेडिकल परीक्षण में उन्हें केवल 28 प्रतिशत अस्थिबाधित पाया गया। ऐसे में वर्ष 2014 में जारी श्रवण बाधित दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संदेह के घेरे में आ गया और जांच में प्रमाणित नहीं हो सका।

बताया जा रहा है कि ज्योति गर्ग की नियुक्ति वर्ष 2021 में दिव्यांग कोटे के तहत हुई थी। मामले की जांच वर्ष 2023 से लगातार चल रही थी। 10 अक्टूबर 2025 को गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा 24 जून को बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया। ज्योति गर्ग, बरही के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक अश्वनी गर्ग की पत्नी हैं। आरोप है कि उन्होंने फर्जी श्रवण बाधित प्रमाण-पत्र के आधार पर दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी प्राप्त की, जिससे वास्तविक पात्र अभ्यर्थी का अधिकार प्रभावित हुआ। लोक शिक्षण संचालनालय की इस कार्रवाई के बाद करेला, बरही और पूरे कटनी जिले के शिक्षा विभाग में चर्चा का माहौल है। अब विभाग ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की संभावना से इंकार नहीं कर रहा है।

 

रिपोर्ट -नीरज तिवारी बरही

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