अवैध बोरिंग पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: रात में दबिश, दो मशीनें जब्त, चालकों पर एफआईआर दर्ज

कटनी।कटनी जिले में अवैध नलकूप खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले को पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने के बावजूद प्रतिबंध का उल्लंघन कर अवैध बोरिंग कर रहे लोगों पर प्रशासन और पुलिस ने शिकंजा कसते हुए दो वाहनों को जब्त किया है तथा उनके चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत पूरे कटनी जिले को 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार इस अवधि में बिना पूर्व अनुमति किसी भी नए निजी नलकूप या बोरवेल के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसी बीच रीठी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को सूचना मिली कि ग्राम पटौहा में खसरा नंबर 615 की भूमि पर देर रात अवैध रूप से बोरिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना मिलते ही तहसीलदार, पटवारी और ग्राम कोटवार की टीम मौके पर पहुंची, जहां बोरिंग मशीन और कम्प्रेशन मशीन द्वारा नलकूप खनन का कार्य जारी मिला। प्रशासनिक टीम ने तत्काल खनन कार्य रुकवाया और मशीन संचालकों से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों वाहनों को जब्त कर रीठी थाना परिसर में खड़ा कराया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस जांच में आरोपियों की पहचान प्रमोद कोल निवासी मानिकपुर जिला सतना तथा अनरथ सिंह लोधी निवासी किशनगढ़ जिला छतरपुर के रूप में हुई। जबकि वाहनों का मालिक ब्रह्मदत्त पटेल निवासी पुरैनी, कटनी बताया गया है। जांच के दौरान वाहन मालिक ने दावा किया कि वाहन वैध कार्य पूरा कर लौट रहे थे और भोजन के लिए मौके पर खड़े थे, लेकिन तहसीलदार की जांच रिपोर्ट और पंचनामे में वाहनों को खनन करते हुए पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके चलते एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी ने वाहन मालिक का जवाब अस्वीकार कर दिया।

प्रशासनिक जांच और एसडीएम के निर्देश के बाद रीठी थाना पुलिस ने दोनों चालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223(बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भीषण गर्मी और जल संकट के बीच प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि प्रतिबंधित अवधि में अवैध बोरिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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