
कटनी।मध्य प्रदेश शासन की राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम दो दिवसीय निरीक्षण के लिए कटनी जिला अस्पताल पहुंची है। यह टीम स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित 20 विभिन्न विभागों का विस्तृत मूल्यांकन कर रही है। जानकारी के अनुसार, टीम के सदस्य जबलपुर और नरसिंहपुर से यहां पहुंचे हैं, जिनमें डॉ. रिचा मिश्रा, डॉ. धीरज यादव और डॉ. लवली सोनी शामिल हैं। टीम अस्पताल में सफाई व्यवस्था, विभागों के स्टॉक, प्रबंधन व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण कर रही है।
दो दिनों तक चलने वाले इस निरीक्षण के बाद टीम द्वारा जिला अस्पताल को रैंकिंग प्रदान की जाएगी, जिसके आधार पर अस्पताल को रिवॉर्ड भी मिलेगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह निरीक्षण वास्तव में अस्पताल की वास्तविक हालत को दर्शा पाएगा?
कटनी जिला अस्पताल का मैनेजमेंट अक्सर निरीक्षण से पहले खामियों पर पर्दा डालने का आरोप झेलता रहा है। निरीक्षण से ठीक पहले अस्पताल में साफ-सफाई तेज हो जाती है, पलंगों पर नई चादरें बिछा दी जाती हैं और गंदगी के ऊपर ब्लीचिंग पाउडर डालकर दुर्गंध को दबाने की कोशिश की जाती है। इसकी झलक अस्पताल परिसर की तस्वीरों में साफ दिखाई देती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निरीक्षण टीम अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों से संवाद नहीं करती, जबकि मरीजों के अनुभव ही वास्तविक स्थिति को उजागर करते हैं। केवल विभागों की औपचारिक जांच से अस्पताल की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कितना संभव है, यह एक बड़ा प्रश्नचिह्न बना हुआ है।
पहले भी कई बार निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल को नंबर दिए गए, लेकिन वास्तविक हालात में खास सुधार देखने को नहीं मिला। ऐसे में देखना यह होगा कि इस बार पहुंची टीम कितनी गहराई से निरीक्षण करती है और क्या कटनी जिला अस्पताल को मिलने वाली रैंकिंग उसकी असली स्थिति को दर्शाएगी।








