
कटनी। परिवा पर्व के अवसर पर बुधवार की रात कटनी के ऐतिहासिक कटाए घाट पर हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य दीपदान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन लगातार 29 वर्षों से परंपरागत रूप से नगर निगम के सहयोग से किया जा रहा है। हजारों श्रद्धालु परिवार सहित घाट पर पहुंचे और श्रद्धा भाव से दीपदान किया।
लेकिन इस बार का दीपदान आयोजन प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल गया। जैसे ही अंधेरा बढ़ा, घाट पर बिजली गुल हो गई — नतीजा यह हुआ कि हजारों श्रद्धालु मोबाइल टॉर्च की रोशनी में दीपदान करने को मजबूर हो गए।
गंगा आरती का आयोजन भी बिना लाइट के संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने अंधेरे में आरती की और प्रशासन की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। लोगों ने बताया कि करीब एक घंटे तक घाट की लाइट बंद रही, जिससे माहौल में भय और अफरा-तफरी का वातावरण बन गया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि जब हर साल यह आयोजन होता है, तो प्रशासन को पहले से मजबूत विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी। रोशनी के अभाव में कई लोग रास्ता तक नहीं पहचान पाए और टॉर्च की रोशनी में आगे बढ़ते रहे।
इसके बावजूद, श्रद्धालुओं ने अपने उत्साह को कम नहीं होने दिया और कहा कि दीपदान का असली अर्थ ही है — अंधकार में प्रकाश फैलाना, चाहे वह टॉर्च की रोशनी से ही क्यों न हो।







