
कटनी जिला अस्पताल के सामने यातायात पुलिस ने अव्यवस्थित और नियम विरुद्ध खड़े वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कई वाहनों के ई-चालान काटे गए, लेकिन अधिकांश वाहन मालिक मौके पर मौजूद नहीं थे, वाहन मालिकों का पुलिस बहुत देर तक इंतजार करती रही जिससे तत्काल भुगतान नहीं हो सका वही अगर 13 दिन के भीतर p.o.s मशीन से अगर चालान जमा नहीं हुआ तो वाहन स्वामियों को सीजेएम कोर्ट का रुख करना पड़ सकता है।
यातायात विभाग द्वारा प्वाइंट ऑफ सेल यानी पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटे जा रहे हैं। नियम के अनुसार इन चालानों का भुगतान निर्धारित समय सीमा में किया जाना आवश्यक है। लेकिन कई मामलों में वाहन मालिकों को चालान की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती, जिससे चालान पेंडिंग रह जाते हैं।
जानकारी के अनुसार पी.ओ.एस. मशीन से जारी चालानों का भुगतान लगभग 13 दिनों तक ही ऑनलाइन या निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है। इसके बाद सिस्टम में “सेंड टू कोर्ट” का विकल्प दिखाई देने लगता है और वाहन स्वामियों को चालान जमा करने के लिए सीजेएम कोर्ट जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला न्यायालय में भी पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से चालान जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि पेंडिंग चालानों का समय पर निपटारा हो सके। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी बल्कि शासन के राजस्व में भी वृद्धि होगी और पुलिस प्रशासन पर भी अतिरिक्त दबाव कम होगा।
“अगर कोर्ट में भी पी.ओ.एस. मशीन से चालान जमा करने की व्यवस्था हो जाए तो लोगों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय पर चालान जमा हो सकेंगे।”
फिलहाल यातायात विभाग की कार्रवाई जारी है, लेकिन ई-चालानों के समय पर भुगतान और उनकी सरल प्रक्रिया को लेकर आमजन सुविधा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।







