“प्रशासनिक पुनर्गठन पर मंथन: जनता की सुविधा बनेगी प्राथमिकता” 

 

कटनी।प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल सीमाओं का बदलाव नहीं, बल्कि आमजन को सुलभ और जनोन्मुखी प्रशासन उपलब्ध कराना है। नई तहसील, ग्राम पंचायत या प्रशासनिक इकाई के गठन में भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, आधारभूत सुविधाएं और क्षेत्रीय जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह बात मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. मिश्रा ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष कटनी में आयोजित समीक्षा बैठक में कही।

बैठक में आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह, सदस्य मुकेश शुक्ला, कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

आयोग अध्यक्ष श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रशासनिक इकाई के पुनर्गठन से पहले जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर उनकी राय ली जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, आवागमन और प्रशासनिक पहुंच जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नई प्रशासनिक इकाइयों के परिसीमन में जनसंख्या संतुलन, औद्योगिक क्षेत्र, भौगोलिक दूरी और प्राकृतिक सीमाओं को आधार बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधाएं मिल सकें। यदि कोई क्षेत्र नए जिले या तहसील से जुड़ना चाहता है तो यह भी स्पष्ट करना होगा कि संबंधित गांव या तहसील किस प्रशासनिक मुख्यालय के अधिक निकट है।

बैठक में आयोग के कार्यक्षेत्र और पुनर्गठन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि आयोग प्रदेशभर में भ्रमण कर जन अपेक्षाओं और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव एकत्र कर रहा है।

सचिव अक्षय कुमार सिंह ने आयोग की कार्यप्रणाली और लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं सदस्य मुकेश शुक्ला ने पोर्टल आधारित प्रश्नावली, प्रशासनिक अमले की आवश्यकता, सामाजिक संरचना, आर्थिक गतिविधियों, संसाधनों की उपलब्धता और कानून व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में बताया गया कि आयोग के पोर्टल

www.mpaurc.mp.gov.in⁠�

के माध्यम से आम नागरिक और जनप्रतिनिधि प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर अपने सुझाव दे सकते हैं। प्राप्त सुझावों पर जिला प्रशासन विचार कर अपनी अनुशंसा सहित आयोग को भेजेगा।

कलेक्टर आशीष तिवारी ने भरोसा दिलाया कि आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक कार्यवाहियां शीघ्र पूर्ण कर प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

इसके पूर्व सचिव अक्षय सिंह की अध्यक्षता में कटनी तहसील कार्यालय में तहसील स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

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