
जबलपुर/भोपाल। बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार (1 मई) को जबलपुर पहुंचे और शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया, जब मुख्यमंत्री ने अपनों को खो चुके बच्चों को गले लगाया और बिलखती बेटियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में पूरी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
भावुक पल: बच्चों को गले लगाकर CM ने दी सांत्वना
मुख्यमंत्री दरहाई मार्ग स्थित नीतू सोनी के निवास पहुंचे, जहां परिजनों का हाल देख उनकी आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने छोटे बच्चों को गोद में उठाया और परिवार को हिम्मत दी इसके बाद वे हादसे में बाल-बाल बचे रियाज हुसैन से भी मिले, जिन्होंने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हाई लेवल जांच समिति के गठन का ऐलान किया। इस समिति में शामिल होंगे,महानिदेशक (होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा),सचिव (मप्र शासन)
कमिश्नर (जबलपुर संभाग),हादसे के असली कारणों का पता लगाना,दुर्घटना के समय की परिस्थितियों का विश्लेषण,सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं
मुआवजा और सम्मान की घोषणा
मुख्यमंत्री ने राहत और सम्मान से जुड़े बड़े फैसले भी लिए: मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये (राज्य सरकार),2-2 लाख रुपये (पीएम राहत कोष से) रेस्क्यू में मदद करने वालों को 51-51 हजार रुपये अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
भविष्य के लिए सख्त SOP बनेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एडवेंचर टूरिज्म, नौका और क्रूज संचालन के लिए सख्त SOP बनाई जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि मौसम विभाग की सलाह को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
CM का सख्त संदेश
“यह हादसा बेहद दुखद है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जल पर्यटन को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।”
बरगी डैम हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सरकार एक ओर पीड़ितों के साथ खड़ी नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।






