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कटनी। मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश के 34 जिलों के आरटीओ कार्यालयों में मैन्युअल वाहन फिटनेस व्यवस्था समाप्त किए जाने के बाद कटनी जिले के वाहन स्वामियों की परेशानी बढ़ गई है। अब वाहन फिटनेस जांच केवल स्वचालित परीक्षण केंद्र (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन – ATS) के माध्यम से की जा रही है, लेकिन कटनी में अभी तक एटीएस मशीन स्थापित नहीं हो सकी है।
100–110 किलोमीटर का सफर बना मजबूरी
कटनी के वाहन मालिकों को अब अपने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए लगभग 100 से 110 किलोमीटर दूर जबलपुर या सतना जाना पड़ रहा है। रोजाना सैकड़ों वाहन स्वामी ऑनलाइन पोर्टल पर स्लॉट बुक कर निर्धारित समय पर संबंधित एटीएस सेंटर पहुंच रहे हैं।
दोहरी मार: खर्च और समय
वाहन स्वामियों का कहना है कि उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है—ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और फिटनेस फीस का खर्च लंबी दूरी तय करने में पेट्रोल/डीजल का अतिरिक्त खर्च कमर्शियल वाहन, विशेषकर शहरी परमिट वाले थ्री-व्हीलर और ऑटो चालकों के लिए स्थिति और भी मुश्किल है। अन्य जिले में वाहन ले जाने के दौरान चालानी कार्रवाई का डर भी बना रहता है।बिना फिटनेस दौड़ रहे वाहन जिले में एटीएस केंद्र की अनुपलब्धता के कारण कई वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं।वाहन चेकिंग के दौरान चालानी कार्रवाई होने पर वाहन स्वामियों को भारी जुर्माना भरना पड़ रहा है।
लंबे समय से लंबित है एटीएस स्थापना
स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि कटनी में जल्द से जल्द ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक करता है और कटनी के वाहन स्वामियों को स्थानीय स्तर पर फिटनेस जांच की सुविधा कब मिलती है।







