
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है।
14 फरवरी शनिवार को श्रीमती उषा त्रिपाठी अपने पुत्र राहुल के साथ जबलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 पर जबलपुर से कटनी की यात्रा के लिए पहुँची थीं। टिकट लेने के लिए पुत्र राहुल के काउंटर पर जाने के दौरान, श्रीमती उषा त्रिपाठी अनजाने में गाड़ी संख्या 11265 जबलपुर–अंबिकापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार हो गईं।
इधर जब राहुल वापस लौटे तो उनकी मां प्लेटफॉर्म पर नहीं मिलीं। घबराए परिजन ने तत्काल स्टेशन प्रबंधन से संपर्क किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) जबलपुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 15 से 20 मिनट तक स्टेशन परिसर में लगातार उद्घोषणा कराई लेकिन यात्री का पता नहीं चल सका।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) द्वारा जबलपुर से कटनी साउथ की ओर जाने वाली ट्रेनों की सूची के अनुसार समन्वय स्थापित किया गया। इसके बाद कटनी साउथ स्टेशन से संपर्क कर गाड़ी संख्या 11265 के आगमन पर विशेष उद्घोषणा कराई गई।
उद्घोषणा के माध्यम से श्रीमती उषा त्रिपाठी को सुरक्षित रूप से स्टेशन मास्टर कार्यालय में बुलाया गया। तत्पश्चात उनके परिजनों से संपर्क कर मां-बेटे को सुरक्षित मिलाया गया रेल प्रशासन की इस त्वरित, सजग और मानवीय कार्यप्रणाली के लिए यात्री एवं उनके परिजनों ने हृदय से रेलवे अधिकारियों को आभार व्यक्त किया।






