
न्यूज़ वॉइस ऑफ इंडिया
कटनी। सिविल लाइन स्थित रेलवे अंडरपास के सामने खड़ा एक बिजली पोल मौत का खतरा बनकर खड़ा है। इस पोल पर लताओं का ऐसा जंगल उग आया है कि खंभा खुद नज़र ही नहीं आता। कुछ लताएं सूख चुकी हैं, लेकिन कई अब भी हरी-भरी हैं, जो बरसात में करंट के खतरे को दावत दे रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि अंडरपास से रोजाना वरिष्ठ रेलवे अधिकारी गुजरते हैं, यहां तक कि मंगलवार को रेल सुरक्षा आयुक्त मनोज अरोरा और डीआरएम जबलपुर का निरीक्षण के लिए जाना भी यहीं से हुआ होगा, लेकिन किसी की नज़र इस खतरनाक पोल पर नहीं पड़ी। यहां तक की रेलवे के AEN विभाग के गैंग कर्मचारियों की ड्यूटी रेल अंडरपास के ऊपर निकले रेल ट्रैक पर लगाई जाती है। उन्होंने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान अगर इस पोल में करंट आया तो आसपास घूमने वाले राहगीर और यहां घूमने वाले विक्षिप्त लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। मगर रेलवे बिजली विभाग के जिम्मेदार मानो दुर्घटना होने का इंतजार कर रहे हों।
सवाल सीधा है — क्या कटनी में रेलवे विभाग की आंखें सिर्फ हादसे के बाद ही खुलेंगी?







