
कटनी।न्यूज़.वॉइस.ऑफ़.इंडिया/
रीवा–कटनी–जबलपुर–लखनादौन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना पर आवारा मवेशियों की आवाजाही के चलते लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन हादसों में न केवल मवेशियों की जान जा रही है, बल्कि वाहन चालकों की जान और संपत्ति को भी नुकसान पहुँच रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सुरक्षा के मद्देनज़र कई प्रयास किए गए जैसे गायों को रिफ्लेक्टिव पट्टे पहनाना, गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों से मवेशियों को सड़क पर न छोड़ने की अपील करना। इसके बावजूद ग्रामीणों द्वारा मवेशियों को सड़क पर खुला छोड़ना जारी है।
इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, कटनी की पहल पर एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों से आवारा मवेशियों को विशेष वाहनों के माध्यम से स्थानीय गौशालाओं में स्थानांतरित किया जा रहा है।
यह रेस्क्यू अभियान अब लगातार जारी रहेगा, जिससे राजमार्ग पर दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
वही बात करें तो अधिकांश गौशालाओं में निराश्रित मवेशियों की खाने-पीने की व्यवस्था चिंता जनक है। बहरहाल लगातार चलाए जा रहे इस अभियान से मौजूद गौशालाओं में मवेशियों की उपस्थिति अत्यधिक हो जाएगी जिनके खाने-पीने और देखरेख को लेकर भी जिला प्रशासन को ध्यान देना जरूरी है। जिससे बाहर विचरण कर रहे मवेशी गौशालाओं में स्वस्थ रह सके। अधिकांश गौशालाओं में मवेशियों की स्थिति खाने पीने को चिंताजनक है जिनमें पूर्व में समाचार भी प्रकाशित किया जा चुके हैं।








