
पन्ना से रामनरेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट
हम बात कर रहे पन्ना जिला के ब्लॉक शाहनगर की ये कैसी जनकल्याणकारी योजना,खाद्यान्न के नाम ठेकेदार लगा रहे विक्रेताओं को चूना, फॉरिफाइड चावल की जगह आ गया सामान्य रद्दी चावल,हितग्राहियों ने उठाई आवाज,तो प्रभारी विक्रेता/सेल्समेन रमेश सिंह यादव ने दी वरिष्ट अधिकारियों को सूचना,वरिष्ट अधिकारियों के निर्देशन में पंचनामा भरकर उतरवा लिया चावल,अब संबंधितों पर क्या होगी कार्यवाही, इन्हीं सवालों को लेकर मीडिया के सामने दिए गए बयान।
शायद आप चौंक गए होंगे, कि ये मामला कैसा है तो हम आपको बता दें कि जिस चावल में सूक्ष्म पोषक तत्वों को सही मात्रा में मिलाकर तैयार किया जाता है, उस चावल को फोर्टिफाइड चावल कहा जाता है फोर्टिफाइड चावल के दाने चावल का पाउडर और विटामिन बी-12, फोलिक एसिड,और आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को सही मात्रा में मिलाकर बनाया गया फोर्टीफाइड चावल शासन की जनकल्याणकारी योजना साझा चूल्हा एमडीएम, बीपीएल व आई कार्ड धारकों सहित अन्य हितग्राहियों को खाद्यान्न सामग्री के रूप में दिया जाता है सूत्रों की माने तो यह फोर्टीफाइड चावल शासन द्वारा ठेकेदारों से लगभग 90 रुपए किलो की कीमत में खरीदकर शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से पात्र हितग्राहियों को वितरित कराया जाता है,परन्तु जो चावल आज सोसायटी में उतारा गया वह शायद-20/-₹ किलो से ज्यादा कीमत का नही होगा।
तब हम बात को ज्यादा न बढ़ाते हुए सीधे मुद्दे पर आएं,तो ये तस्वीर जो आप देख रहे हैं जिला पन्ना के शाहनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकान बिसानी का है,जहां आज सुबह trak क्रमांक एमपी 21 c 8879 फोर्टीफाइड चावल लेकर दुकान पर पहुंचा,तो प्रभारी सेल्समैन रमेश सिंह यादव के सामने चावल को बोरियां उतरवाई गई,जब बोरियों से चावल का सैंपल देखा गया तो उसमे फोर्टीफाइड चावल की जगह सामान्य चावल मिला सेल्समैन रमेश यादव के बताए अनुसार मामले की सूचना जब वरिष्ट अधिकारियों को दी गई, तो अधिकारियों ने पंचनामा बनवाकर चावल उतरवाने के निर्देश दिए और सेल्समैन द्वारा 45 क्विंटल 77 किलो चावल उतरवा लिया गया।
मामले में बड़ा सवाल यह है कि फोर्टीफाइड चावल की जगह उचित मूल्य की दुकानों को यदि सामान्य चावल दिया जाता है,तो शासन द्वारा चलाई जा रही इस जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से संबंधित ठेकेदार शासन को जमकर चूना लगा रहे हैं,या अधिकारियों की मिली भगत से यह गोरख धंधा चल रहा है,जिसमे अधिकारी आँख बंद किये हुए और जनता को यह खराब चावल बट रहा है,अब आगे देखना यह ये की क्या अधिकारियों की मिली भगत से यह सोसायटियों में रद्दी चावल आ रहा या इसमें कोई कार्यवाही भी होगी।






